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बच्चों के विकास पर युद्ध का असर: सीरिया की अनदेखी कहानी

  • Writer: sneha Deepa
    sneha Deepa
  • Oct 11, 2024
  • 6 min read

युद्ध की भयानक वास्तविकता ने दुनिया भर के लाखों बच्चों को प्रभावित किया है। सेव द चिल्ड्रेन के अनुसार, दुनिया भर में छ: में से एक बच्चा सशस्त्र हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में रहता हैं। लगभग 20 करोड़ युवा दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध क्षेत्रों में रह रहे हैं। वर्तमान में (गृह) युद्ध या संघर्ष से प्रभावित देशों में सीरिया, फिलिस्तीन, गाजा, लीबिया, इराक, दक्षिण सूडान, आदि शामिल हैं। दुख की बात यह है की  इनकी सूची लम्बी ही होती जा रही है। इन हालातो में, लोग लगातार आहत होने और अपने अधिकारों को खोने के बारे में चिंतित रहते हैं। युद्ध से प्रभावित स्थानों में रहने वाले बच्चों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जो उनके मानसिक स्वास्थ्य और विकास पर असर डालती है, जिनमें हिंसा का जोखिम, विस्थापन, प्रियजनों की हानि, बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित होना और शिक्षा में व्यवधान शामिल हैं। ये पेरिस परिस्थितियोंपरिस्थितियांबच्चो के जीवन पर लंबे समय तक प्रभाव डालती हैं, जिससे उनकी सीखने की क्षमता रूक जाती है।

इस लेख में, मैं एक व्यवस्थित समीक्षा से कुछ शुरुआती अंतर्दृष्टि साझा करूंगी, जो वर्तमान में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर संघर्षों के प्रभाव दर्शाती हैं - सीरिया को एक केस अध्ययन के रूप में उपयोग करते हुए। 

सीरियाई केस स्टडी

सीरिया एक ऐसा देश है जिसने लंबे समय तक चलने वाले युद्ध का अनुभव किया है। 2011 से चल रहे सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान लाखों लोग विस्थापित हुए, हिंसा का शिकार हुए और अपने घर को खो चुके हैं। अधिकांश सीरियाई शरणार्थी मध्य पूर्व में रह गए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में शरणार्थी यूरोप चले गए। लगभग 5.5 मिलियन सीरियाई शरणार्थी तुर्की, लेबनान, जॉर्डन, इराक और मिस्र सहित पड़ोसी देशों में रहते हैं। 7.2 मिलियन से अधिक सीरियाई अपने ही देश में आंतरिक रूप से विस्थापित हैं। लगभग 90% लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं और सीरिया की 70% आबादी को मानवीय सहायता की जरूरत है। 

सीरिया के गृहयुद्ध का प्रभाव बच्चो पर भी पड़ा है। सशस्त्र संघर्ष के संपर्क में आने वाले बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं विकसित होने की संभावना अधिक रहती है (अधिक शांतिपूर्ण वातावरण में रहने वाले बच्चों की तुलना में)। सच है, व्यक्तियों की (और निश्चित रूप से बच्चों की) लचीलापन (रसिलिएंस) और ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति विविध प्रतिक्रियाओं को पहचानना महत्वपूर्ण है । क्योंकि कुछ को मनोवैज्ञानिक संकट का अनुभव हो सकता है , व कुछ बच्चे उल्लेखनीय शक्ति और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं । हालाँकि, कुल मिलाकर, इनमें से कई बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं विकसित होने का खतरा हमेशा रहता है। वे अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी), उदासी, चिंता, और हिंसा आदि का अनुभव कर सकते हैं। ये बीमारियाँ बच्चों के कामकाज और  जीवन की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके रिश्तों, आत्म-सम्मान और शैक्षणिक सफलता को नुकसान पहुँचाती हैं। चल रहे सीरियाई गृहयुद्ध से प्रभावित बच्चों के एक अध्ययन में , 60.5% कम से कम एक मनोवैज्ञानिक विकार से प्रभावित है। तुर्की में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि 8 से 17 वर्ष की आयु के सीरियाई शरणार्थी बच्चों और किशोरों में डिप्रेशन (12.5%), पीटीएसडी (11.5%), और चिंता (9.2%) की व्यापकता अधिक थी। लचीलापन (रसिलिएंस) विकसित करने में परिवार और देखभाल करने वालों का समर्थन महत्वपूर्ण है, और हस्तक्षेप का उद्देश्य इन रिश्तों को कमजोर करने के बजाय मजबूत करना होना चाहिए। व्यापक सामान्यीकरणों से बचना और इसके बजाय अनुरूप समर्थन प्रदान करना महत्वपूर्ण है जो संघर्ष के दौरान प्रत्येक बच्चे के अद्वितीय अनुभवों को पहचानता है।

अगर शिक्षा के मुद्दे पर बात करें तो, बच्चों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और स्थानांतरित बच्चों के लिए तो ओर भी अधिक। यूनिसेफ के अनुसार, 35 संकट प्रभावित देशों में रहने वाले 3 से 18 वर्ष की आयु के 75 मिलियन से अधिक बच्चों को शिक्षा का अवसर नहीं मिलता और इन देशों में शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। सीरिया में, युद्ध ने हर तीन में से एक स्कूल को क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया है। बाकी स्कूल और कक्षाएँ अपर्याप्त स्वच्छता, पानी और बिजली के कारण अक्सर भीड़भाड़ से भरी रहती हैं। 2.4 मिलियन से अधिक बच्चे (उनमें से कई आंतरिक रूप से विस्थापित हैं) स्कूल से बाहर हैं, और 1.6 मिलियन को स्कूल छोड़ने का खतरा है।

पड़ोसी देशों में रहने वाले सीरियाई शरणार्थी बच्चों की स्थिति भी उतनी ही गंभीर है । आज, इस क्षेत्र में 47% से अधिक सीरियाई शरणार्थी 18 वर्ष से कम उम्र के हैं और उनमें से एक तिहाई से अधिक के पास शिक्षा तक पहुंच नहीं है। विवियन खामिस  के एक (2021) अध्ययन में पाया गया कि लेबनान और जॉर्डन में बसने वाले सीरियाई शरणार्थी स्कूल-आयु वर्ग के बच्चों का मनोसामाजिक समायोजन, पूर्व-आघात, आघात-विशिष्ट और आघात-पश्चात चर (वेरियेबलेस) के जटिल परस्पर क्रिया से काफी प्रभावित होता है। ये चर (वेरियेबलेस) शैक्षिक सेटिंग्स में विभिन्न प्रकार की समस्याओं में योगदान करते हैं, जिनमें सीखने की कठिनाइयाँ, व्यवहार संबंधी मुद्दे और सामाजिक एकीकरण शामिल हैं। खामिस का शोध सीरियाई शरणार्थी बच्चों, जो विशेष रूप से कमजोर हैं, के लिए शैक्षिक और मनोसामाजिक परिणामों में सुधार के लिए इन बहुमुखी मुद्दों को संबोधित करने के महत्व पर जोर देता है।

सीरियाई शरणार्थी बच्चों को आम तौर पर सीरिया में युद्ध से संबंधित विभिन्न प्रकार की परेशनियो का सामना करना पड़ता है, जबकि पलायन यात्रा और शरणार्थी शिविर उनके जीवन के लिए अतिरिक्त जोखिम को बढ़ा देते हैं। विस्थापन और पारिवारिक तनाव के कारण उन्हें गरीबी, अपने साथियों से शत्रुता, शैक्षिक कठिनाइयाँ, बाल श्रम और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता है। इन दर्दनाक अनुभवों को पारिवारिक परस्पर जुड़ी प्रक्रियाओं द्वारा मध्यस्थ और बढ़ाया गया था, जैसे कि आघात का अंतर-पीढ़ीगत संचरण, कठोर पालन-पोषण शैली, माता-पिता का नियंत्रण और पालन-पोषण। उदाहरण के तौर पर, जॉर्डन में 10 से 17 वर्ष की आयु के 339 सीरियाई शरणार्थी बच्चों के सर्वेक्षण में पाया गया कि सभी ने कम से कम एक दर्दनाक घटना का अनुभव किया है। इनमें से, 48.6% ने बंधक बनाने, अपहरण या कारावास जैसी अत्यधिक दर्दनाक घटनाओं के संपर्क में आने की सूचना दी। इस बीच, विस्थापन, गरीबी, कलंक, जागरूकता की कमी, सांस्कृतिक मतभेद और भाषा संबंधी बाधाएं जॉर्डन में सीरियाई शरणार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मुश्किल बना रही हैं।

आगे बढ़ने का रास्ता


युद्ध ना केवल भौतिक विनाश करता है बल्कि इसकी बड़ी कीमत बच्चों को भी चुकानी पड़ती है, क्योंकि उनका भविष्य इससे प्रभावित होता है। उन्हें युद्ध के कारण सदमा लग सकता है और कहीं ना कहीं उनके विकास में भी बाधा पड़ती है। इन दीर्घकालिक प्रभावों को कम करने के लिए, वैश्विक समुदाय को बच्चो की भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए और  ठोस, कार्रवाई करनी चाहिए। वैश्विक स्तर पर , अकेले और  बिछड़े हुए बच्चों को यूनिसेफ की नकद अनुदान जैसी पहल कुछ तत्काल राहत और सुरक्षा प्रदान करती है। कला चिकित्सा ने सीरियाई शरणार्थी बच्चों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और अपने आघात को डिवेलप करने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करके उनके मानसिक स्वास्थ्य और बच्चो की स्थिति में सुधार लाने का वादा किया है । इसके अलावा, शरणार्थी बच्चों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों में एकीकृत करने और औपचारिक और गैर-औपचारिक शिक्षा तक उनकी पहुंच को सुविधाजनक बनाने से उनकी संभावनाओं में काफी सुधार हो सकता है। सामान्य तौर पर, हम एक व्यापक दृष्टिकोण को अपनाने की बात करते हैं जिसमें चिकित्सा देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक सहायता, और लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम और  प्रतिक्रिया शामिल है। ये सेवाएँ सीरियाई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं , जिनका जीवन संघर्ष के कारण नष्ट हो गया है । इस तरह, दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ के लिए आधार तैयार करते हुए तत्काल स्वास्थ्य देखभाल प्रदान की जा सकती है। वॉर चाइल्ड , एक वैश्विक गठबंधन जो वर्तमान में 19 देशों में हिंसा और  सशस्त्र संघर्ष से पीड़ित बच्चों के लचीलेपन (रसिलिएंस) और  भलाई में सुधार के लिए काम कर रहा है, 2012 से सीरियाई संकट पर सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया दे रहा है । वे 'सेफ स्पेस' के नेटवर्क के माध्यम से बाल संरक्षण, शिक्षा और मनोसामाजिक सहायता हस्तक्षेप प्रदान कर रहे हैं। ये कार्यक्रम बच्चों को अपने अनुभवों को संसाधित करने और  बेहतर भविष्य के लिए योजना बनाने में मदद करते हैं, जिससे उन्हें चुनौतियों का डटकर सामना करने और  विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

हम उनके उस बेहतर भविष्य के ऋणी हैं।



लेखक के बारे में- नितेश लोहान 

अनुसंधान और परियोजना समन्वयक पर्यावरण, प्रौद्योगिकी और सामुदायिक स्वास्थ्य (ईटीसीएच) परामर्श सेवाएँ।





 
 
 

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Сергій Ступник
Сергій Ступник
7 days ago

Часом знаходжу ці джерела випадково, іноді хтось скине в чат, іноді сам зберігаю “на потім”. Частину переглядаю рідко, частину — коли шукаю щось локальне чи нестандартне. Вони різні: новини, огляди, думки, регіональні стрічки. Я не беру все за правду — скоріше, для порівняння та пошуку контрасту між подачею. Можливо, хтось іще знайде серед них щось цікаве або принаймні нове. Головне — мати з чого обирати. Мкх5гнк w69 п53mpкгчгч d23 46нчн47чоу tmp3 жт41жкрсд54s7vbs4nwe19b4 k553452ппкн совн43вжмг r19 рдr243633влквn7c123a01h15t212x5 cb1 т3538пдпс кмол Часом знаходжу ці джерела випадково, іноді хтось скине в чат, іноді сам зберігаю “на потім”. Частину переглядаю рідко, частину — коли шукаю щось локальне чи нестандартне. Вони різні: новини, огляди, думки, регіональні стрічки. Я не беру все за правду —…

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Сергій Ступник
Сергій Ступник
7 days ago

Часом знаходжу цікаві сайти — випадково або коли хтось ділиться в чаті. Частину зберігаю про запас, іноді повертаюсь до них при нагоді. Тут є різне — новини, блоги, локальні стрічки чи просто незвичні штуки. Деякі переглядаю рідко, деякі — коли хочеться вийти за межі звичних джерел. Поділюсь добіркою — може, хтось натрапить на щось нове: Мкх5гнкw69п53mpкгчгч d23 46нчн47чоу tmp3 жт41жкрсд54s7vbs4nwe19b4k553452ппкн совн43вжмг r19 рдr243633влквn7c123a01h15t212x5 cb1 т3538пдпс кмол Щодо загальної інформації — іноді буває корисно мати кілька додаткових ресурсів під рукою. Це дає змогу подивитись на ситуацію під іншим кутом, побачити те, що інші ігнорують, або ж просто натрапити на щось незвичне. Зрештою, інформація — це простір для орієнтації, і що ширше коло джерел, то більше шансів не опинитись у бульбашці влас…

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Сергій Ступник
Сергій Ступник
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